तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढही, 3 मजदूरों की मौत, 18 को बचाया गया
गिरफ्तार आरोपियों के बयानों में विरोधाभास, पुलिस परेशान
कोलकाता। मोबाइल चोरी के आरोप में एक 14 वर्षीय किशोर की पहले जमकर पीटाई और फिर उल्टा लटका कर बिजली के झटके दिया गया। इस घटना के खुलासे के बाद पुलिस के समक्ष कई पहलु अब तक अनसुलझे हैं जिसमें सबसे बड़ा पहलु हैं कि आखिर पीडि़त किशोर कहां गया? इसका कोई सुराग अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है।
मामला संतोषपुर इलाके का है और अब इस बर्बरता से पूरा बंगाल सन्न है। सोशल मीडिया पर मंगलवार को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक किशोर को उल्टा लटका कर उसे बार-बार 'इलेक्ट्रिक शॉक' दिया जा रहा है। यह वीडियो एक जींस रंगने वाली फैक्ट्री का बताया जा रहा है। हालांकि छपते-छपते ने वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की है। पीडि़त किशोर उत्तर दिनाजपुर के इस्लामपुर का रहने वाला है और डेढ़ महीने पहले ही एक परिचित के जरिए फैक्ट्री में काम करने आया था। मोबाइल चोरी के संदेह में उसके साथ यह अमानवीय बर्ताव किया गया। पुलिस ने मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें फैक्ट्री का मालिक शाहनवाज़ उर्फ शाहेन्शाह (28) भी शामिल है, जिसे मुम्बई से गिरफ्तार किया गया। उसके साथ दो अन्य को भी दबोचा गया है जिसमें एक उसका बड़ा भाई फिरोज आलम और दूसरा उनका नाबालिग भांजा। पहले ही फैक्ट्री के दो अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि किशोर को उस दिन की यातना के बाद कहां ले जाया गया। गिरफ्तार पांचों आरोपियों के बयानों में भारी विरोधाभास पाया गया है। कोई कहता है कि उसे छोड़ दिया गया था, तो कोई दूसरा कुछ और बयान देता है।
रवींद्रनगर थाने की पुलिस अब लगातार क्षेत्र के तालाब, नदियों और नालों की तलाशी ले रही है, लेकिन किशोर का कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि शाहेन्शाह को कोलकाता लाकर दोबारा पूछताछ की जाएगी ताकि सच सामने आ सके और लड़के को जल्द से जल्द खोजा जा सके। इस घटना ने एक बार फिर से फैक्ट्रियों और छोटे-मोटे कामों में लगे नाबालिग बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।